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Q.Hanuman Chalisha Kya hai ? हनुमान चालीसा क्या है ?

Ans-Hanuman Chalisha ek bhakit geet hai jo bhagwan ji ki ek adarsh bhakt ke roop mein jane jaate hau par aadharit hai yah chalisha goswami tulsidas dwara likha gaya hai

हनुमान चालीसा एक भक्ति गीत है जो भगवान हनुमान, जो कि एक आदर्श भक्त के रूप में जाने जाते है, पर आधारित है। यह चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा अवधी भाषा में लिखी गई एक कविता है। चालीसा शब्द हिन्दी में चालीस से लिया गया है, जिसका अर्थ 40 है, क्योंकि हनुमान चालीसा में 40 छन्द होते हैं। भगवान हनुमान के भक्त हिन्दी भाषा में उपलब्ध हनुमान चालीसा का अनुवाद भी देख सकते हैं।

भक्त द्वारा अपने भगवान या इष्ट को प्रसन्न करने करने लिए तथा अपनी समस्याओं के निवारण के लिए सरल भाषा मैं की गयी प्रार्थना चालीसा कही जाती है | सनातन धर्म में साप्ताहिक दिनों के आधार पर देवताओं का भी दिन निर्धारित किया गया है। ऐसे मे जहां सोमवार, भगवान शिव का दिन माना जाता है वहीं मंगलवार के कारक देव श्री हनुमान जी हैं।




 

 

आज यहां आपको इसी हनुमान चालीसा से जुड़े 5 फैक्ट्स के बारे में बता रहे हैं.

1. हनुमान चालीसा की शुरूआत दो दोहे से होती जिनका पहला शब्द है ‘श्रीगुरु’, इसमें श्री का संदर्भ सीता माता है जिन्हें हनुमान जी अपना गुरु मानते थे.

2. हनुमान चालीसा को कवि तुलसीदास ने लिखा. यह अवधि भाषा में लिखी में लिखी गई. कवि तुलसीदास अपने अंतिम दिनों तक वाराणसी में रहे. वहां उन्हीं के नाम का एक घाट भी है, जिसे नाम दिया गया ‘तुलसी घाट’. यहीं रहकर तुलसीदास ने हनुमान मंदिर भी बनाया जिसका नाम है ‘संकटमोचन मंदिर’.

3. हनुमान चालीसा को सबसे पहले खुद भगवान हनुमान ने सुना. प्रसिद्ध कथा के अनुसार जब तुलसीदास ने रामचरितमानस बोलना समाप्त किया तब तक सभी व्यक्ति वहां से जा चुके थे लेकिन एक बूढ़ा आदमी वहीं बैठा रहा. वो आदमी और कोई नहीं बल्कि खुद भगवान हनुमान थे. इस बात से तुलसीदास बहुत प्रसन्न हुए और तब उन्होंने हनुमान के सामने उनसे जुड़ी 40 चौपाई कह डाली.

4. हनुमान चालीसा में हनुमान के ऊपर 40 चौपाई लिखी गई हैं. यह चालीसा शब्द इन्हीं 40 अंक से मिला.

5. हनुमान चालीसा के पहले 10 चौपाई उनके शक्ति और ज्ञान का बखान करते हैं. 11 से 20 तक के चौपाई में उनके भगवान राम के बारे में कहा गया, जिसमें 11 से 15 तक चौपाई भगवान राम के भाई लक्ष्मण पर आधारित है. आखिर की चौपाई में तुलसीदास ने हनुमान जी की कृपा के बारे में कहा है.

हनुमान चालीसा के लाभ

हनुमान चालीसा की एक एक चौपाई मन्त्र रूप है जो विभिन्न स्थितिओं में हमें लाभ पहुँचाती है। हनुमान जी प्राण के देव माने जाते हैं जिनकी उपासना से प्राणशक्ति बढ़ती है। बढ़ी हुई प्राणशक्ति हमारे भीतर से भय, अविश्वास, संदेह दूर कर कुछ भी कर सकने का आत्मबल देती है। इसलिए सभी को हनुमान चालीसा का गान करना चाहिए।




 

 

दोहा :

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुद्धि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा :
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

hanuman-chalisha-in-hindi-pdf


Q. हनुमान चालीसा का गायक कौन है?

Ans. इस भजन को गायक हरिहरन ने गाया था.

Q.हनुमान चालीसा कैसे पढ़े?

Ans.हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए आप दक्षिण दिशा की तरफ मुँह कर के बैठे और लाल रंग का कपडा बिछा कर बैठे साथ में गाय के घी का या फिर तेल का दिया जलाएं और एक छोटे लोटे में गंगा जल या फिर साधारण जल भरकर रखें और हनुमान जी के सामने तीन बार चालीसा का पाठ करें

Q.हनुमानजी के 12 नाम कौन कौन से हैं?

Ans.

1. हनुमान
2. अंजनीसुत
3. वायुपुत्र
4. महाबल
5. रामेष्ट
6. फाल्गुनसखा
7. पिंगाक्ष
8. अमितविक्रम
9. उदधिक्रमण
10. सीताशोकविनाशन
11. लक्षमणप्राणदाता और
12. दशग्रीवदर्पहा

Q.हनुमान चालीसा 108 बार पढ़ने से क्या होता है?
Ans. अगर आप किसी भी समस्या में फास जाएं या फिर आपका कोई काम बिगड़ा हुआ हो बहुत समय से कोई काम नहीं बन रहा हो तो हनुमान चालीसा में इतनी शक्ति है की ये पाठ मरे हुए व्यक्ति को भी जीवनदान दे सकता है और भुत प्रेत भी दूर भागते है |
Q.क्या लड़कियां हनुमान चालीसा पढ़ सकती है?
Ans. महिलाएं हनुमान चालीसा, संकट मोचन, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड आदि का पाठ कर सकती हैं। महिलाएं हनुमान जी का भोग अपने हाथों से बनाकर अर्पित कर सकती हैं।  महिलाएं लंबे अनुष्ठान नहीं कर सकती।
Q. हनुमान जी का आवाहन मंत्र क्या है?
Ans. विधिवत हनुमान जी आवाहन, पूजन करके इस हनुमान मंत्र का पांच हजार स्फटिक की माला से करें। मंत्र– ।। ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्।। … पूजा समाप्त होने के बाद उसी हवन की थोड़ी सी भस्म को हनुमान यंत्र पर लगाकर उस यंत्र को सदैव के लिए अपने पास रखें
Hanmuna chalisa ka mp3 version ( Hanuman Chalisa Audio )

हनुमान जी के नाम पर बच्चों के नाम

1. नाम – चिरंजीवी , अर्थ- अमर, हनुमान जी को अमर माना जाता है
2. नाम – दान्त , अर्थ- शांत
3. नाम – धीर , अर्थ- निर्भीक, साहस वाले
4. नाम – गंधमादन शैलस्थ , अर्थ- गंधमादन पर्वत पार निवास करने वाले
5. नाम – ज्ञानसागर , अर्थ- ज्ञान का महासागर
6. नाम – कामरूपिण , अर्थ- जो इच्छानुसार रूप बदल सकता है
7. नाम – कपीश्वर , अर्थ- कपि /वानरों के देवता
8. नाम – महाद्युत , अर्थ- सबसे तेजस
9. नाम – महावीर , अर्थ- सबसे बहादुर
10. नाम – मारुती , अर्थ- मारुत के पुत्र

 




 

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