अलादीन का जादुई चिराग

Q.अलादीन का चिराग कैसे मिलता है?

Ans.डॉ. लईक के मुताबिक, चिराग से जिन्न को प्रकट करने के लिए 12,000 रुपये का एक इत्र मंगाया जाता था. मेरठ के एक डॉक्टर को ठगों ने जादुई चिराग देने के बहाने करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया. तकरीबन हर किसी ने अलादीन के जादुई चिराग (Aladdin lamp) के किस्सों के बारे में सुन रखा होगा

Q.क्या अलादीन की कहानी सच है? 

Ans.बहुत से लोगों का मानना है जैसे हमारे ग्रंथ और पुराणों की कहानियां सच्चे हैं उसी प्रकार अलादीन की कहानी भी सच है। उसे लोगों ने लंबे समय तक याद रखा इसलिए उसे किताब में लिखा गया। कथित रूप से चाइना में मुस्तफा नाम का एक दर्जी था जो अपनी पत्नी को लेकर बगदाद चला जाता है। वहाँ जन्म होता है उसके पुत्र अलादीन का।

Q.अलादीन ने जब दरवाजा खोला तो सामने कौन खड़ा था?

Ans.दूसरे दिन अलादीन बाजार में अन्य लड़कों के साथ खेल रहा था तो उसे वही जादूगर मिला। … अलादीन ने जादूगर को अच्छी तरह घर का पता बताया था फिर भी वह उसे लेने के लिए उठा। किंतु द्वार पर पहुँच कर उसे लगा जैसे कोई दरवाजा खुलवा रहा है। दरवाजा खोलने पर उस ने देखा कि वही जादूगर दो बोतल शराब और कुछ फल हाथों में लिए खड़ा है।

Q.अलादीन के पिता क्या थे?

Ans.यह दिखाया गया है कि उनके पिता उमर और चाचा बुलबुल ने उन्हें मारने से पहले बचाया था, बाद में अलादीन को बचाते हुए उनके पिता को मार दिया गया। अली और उसकी जिन्न (अंगुठी छप) को दो और जिन्न मिलते हैं – जीनी मिनी और चांद चंगेज़ी।

Q.चिराग क्या है?

Ans.आपको बता दें कि चिराग का मतलब प्रतिभा, लैम्प होता है।

Q.अलादीन की जाति क्या है?

Ans.अलादीन बगदाद शहर में रहने वाला एक आम गरीब लड़का था । एक दिन मगरेब से आया एक जादूगर स्वयं को उसके गुजरे हुए पिता मुस्तफ़ा दर्ज़ी का भाई बता कर अपना साथ नियुक्त कर लेता है जिस कारण उसकी माँ को यह प्रतीत होता है की वह आगे चलकर एक बहुत अमीर व्यापारी बनेगा।

Q.क्या अलादीन का चिराग सच में है?

Ans.एक अलादीन था जिसे यह पता था कि उसके पास जो चिराग है, उसे रगड़ने पर जिन्‍न प्रकट होता है। एक मेरठ के डॉक्‍टर लईक अहमद हैं जिन्‍हें हाल ही में ये पता चला है कि ‘अलादीन के चिराग‘ को रगड़ने से ढाई करोड़ रुपये गायब भी हो जाते हैं। हैरान होने की बात नहीं। … लईक के हाथ जो चिराग लगा है, वैसा तो अलादीन को भी नहीं मिला था।

Q.चिराग शब्द किसका प्रतीक है?

Ans.चिराग‘ व ‘दरख्त’ आशा व सुव्यवस्था के प्रतीक हैं। अंतिम पंक्ति में निराशा व पलायनवाद की प्रवृत्ति दिखाई देती है। लक्षणा शक्ति का निर्वाह है।

Q.अलादीन की कब्र कहां है?

Ans.1331 या 1332 में अलादीन बे की मृत्यु हो गई और उसे बर्सा में दफनाया गया। वह अपने भाई ओरहान की कब्र में है।

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