अपनी मनपसंद पुस्तक यहाँ खोजें

तुलसीदास Tulsidas

Book Summary

Book Language:
PDF Download Size:
Creator:

Book Writer And Publisher Detail

Q.तुलसीदास को गोस्वामी क्यों कहा जाता है?

Ans.हिन्दी साहित्य जगत के सितारे कहे जाने वाले कवि गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही लोग रामचरित मानस को याद करते हैं। … अपनी पत्नी के कटुवचन के कारण वे तुलसीदास से गोस्वामी तुलसीदास बने। यहां हुआ था जन्म गोस्वामी तुलसीदास का जन्म विक्रमी सम्वत् 1554 की श्रावण शुक्ल सप्तमी को बांदा जिले के राजापुर नामक ग्राम में हुआ था।

Q.तुलसीदास की पत्नी का क्या नाम था?

Ans.उनकी धर्मपत्नी का नाम हुलसी था। संवत्1511के श्रावण मास के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि के दिन अभुक्त मूल नक्षत्र में इन्हीं दम्पति के यहाँ तुलसीदास का जन्म हुआ।

Q.तुलसीदास और अकबर की कहानी?

Ans.कहानी प्रचलित है कि एक बार जब मुगल सम्राट अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास जी को शाही दरबार में बुलाया और तुलसीदास से दरबार में कहा गया था कि वो अकबर की प्रशंसा में कुछ ग्रंथ लिखें, लेकिन उन्होंने ऐसा करना से मना कर दिया था. इसके बाद अकबर ने उन्हें बंदी बना लिया था

Q.तुलसीदास ने अपनी रचना में किसका वर्णन किया है?

Ans.हिन्दी साहित्य के महाकवि तुलसीदास जी की यह रचना उनके सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है, जिसे उन्होंने ब्रज भाषा में लिखा है। गीतावली में तुलसीदास जी ने पद्य रचना के माध्यम से मानव जीवन में प्रेम और भाईचारे का भावनात्मक तरीके से वर्णन किया है।

Q.तुलसीदास की पत्नी को इनकी प्रेरणा क्यों कहा जाता है?

Ans.अगर राम की इच्छा नहीं होती तो प्राणों से भी अधिक प्रिय पत्नी उनका तिरस्कार नहीं करती और रामबोला से तुलसीदास नहीं बनते। यह बात स्वयं तुलसीदास जी भी स्वीकर करते हैं इसलिए पत्नी को क्षमा करके बाद में उन्हें अपना शिष्य बना लेते हैं। दरअसल इस पूरी घटना के पीछे एक बड़ी ही रोचक कथा है।

Q.तुलसी दास ने प्रणाम की महत्ता पर क्या कहा है?

Ans.भगवान शंकर ने उन्हें आदेश दिया कि तुम अपनी भाषा में काव्य रचना करो. … उसी समय भगवान शिव और पार्वती उनके सामने प्रकट हुए. तुलसीदास जी ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया. इस पर प्रसन्न होकर शिव जी ने कहा– “तुम अयोध्या में जाकर रहो और हिन्दी में काव्य-रचना करो.

Q.तुलसी के राम की कौन सी विशेषताएं?

Ans.तुलसी न सिर्फ अनन्य रामभक्त थे, परंतु अपने समय के जागरूक लोकनायक भी थे । वे शील, सौंदर्य और शक्ति के उपासक थे । तुलसी की भक्तिभावना में लोक-मंगल की प्रबल भावना है । उनके आराध्य राम शील, सौंदर्य और शक्ति, तीनों के गुण सागर हैं ।

Q.गोस्वामी का अर्थ क्या है?

Ans.गोस्वामी (गुसाईं) एक भारतीय उपनाम हैं। आदि गुरु शंकराचार्य ने ब्राह्मण समाज के लोगों में से धर्म की हानि रोकने के लिये ब्राह्मणों के एक नये सम्प्रदाय की शुरुआत की जिन्हे गुसाईं/गोस्वामी /गोसाईं कहा गया। … इस प्रकार गोस्वामी का अर्थ दसों इन्द्रियों को वश में रखने वाला होता है।

Q.तुलसी के आराध्य देव कौन हैं?

Ans.मित्र तुलसीदास के आराध्य देव भगवान श्री राम हैंं

Q.तुलसीदास जी की काव्य भाषा की विशेषता क्या है?

Ans.तुलसी की काव्य भाषा के सम्बन्ध में शुक्ल जी ने अपना मत इस प्रकार व्यक्त किया है –“सबसे बड़ी विशेषता गोस्वामी जी की है भाषा की सफाई और वाक्य रचना की निर्दोषता जो हिंदी के और किसी कवि में नहीं पाई जाती। गठी हुई भाषा और किसी की नहीं है। सारी रचनाएँ इस बात का उदहारण हैं।”१ तुलसी ने मानस में रामकथा अवधी में कही है

Q.तुलसीदास की माता का क्या नाम था?

Ans.हुलसी दुबे

Q.काशी में तुलसीदास कितने वर्ष रहे?

Ans.इनके माता-पिता का नाम हुलसी और आत्माराम दुबे है। तुलसीदास के जन्म दिवस को लेकर जीवनी लेखकों के बीच कई विचार है। इनमें से कई का विचार था कि इनका जन्म विक्रम संवत के अनुसार वर्ष 1554 में हुआ था लेकिन कुछ का मानना है कि तुलसीदास का जन्म वर्ष 1532 हुआ था। उन्होंने 126 साल तक अपना जीवन बिताया।

Q.तुलसीदास के माता पिता और पत्नी का क्या नाम था?.

Ans.गोस्वामी तुलसीदास का जन्म राजापुर गांव (Rajapur Village, U.P.) (वर्तमान बांदा जिला) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हुआ था. संवत् 1554 की श्रावण मास की अमावस्या के सातवें दिन तुलसीदास का जन्म हुआ था. उनके पिता का नाम आत्माराम (Atma Ram) और माता का नाम हुलसी देवी (Hulsi Devi) था.

Q.तुलसीदास अकबर के समकालीन थे?

Ans.तुलसीदास सम्राट अकबर के समकालीन थे। आम तौर पर हिन्दुत्व सेना अकबर के खिलाफ तुलसीदास को लेकर खड़े हो जाते हैं। इसका कारण यह है कि अकबर अपने उदारवादी, सहिष्णु और उदार नीतियों के साथ, मुगल और अंग्रेजों को जोड़ते हुए और भारत के 1000 वर्ष के ‘गुलामी’ की झूठी संघी कथा से परेशान करते हैं।

Q.तुलसीदास को राम भगवान कैसे मिले?

Ans.तुलसीदास भगवान की भक्ति में लीन होकर लोगों को राम कथा सुनाया करते थे। एक बार वह काशी में रामकथा सुनाते समय उनकी भेंट एक प्रेत से हुई। तब प्रेत ने हनुमान जी से मिलने का उपाय एक उपाय बताया। ये बात जानकर तुलसीदास जी हनुमान जी को ढूंढते हुए उनके पास पहुंच गए और प्रार्थना करने लगे कि राम जी के दर्शन करवा दें।

Q.तुलसीदास की कौन कौन सी रचना ब्रजभाषा में है?

Ans.ब्रजभाषा की रचनाएं कृष्णगीतावली, राम गीतावली, दोहावली, विनयपत्रिका, कवितावली, वैराग्य संदीपनी।

Q.तुलसीदास की कौनसी काव्य रचना ब्रजभाषा में है?

Ans.गीतावली गोस्वामी तुलसीदास की काव्य कृति है। गीतावली तुलसीदास की प्रमाणित रचनाओं में मानी जाती है। यह ब्रजभाषा में रचित गीतों वाली रचना है जिसमें राम के चरित की अपेक्षा कुछ घटनाएँ, झाँकियाँ, मार्मिक भावबिन्दु, ललित रस स्थल, करुणदशा आदि को प्रगीतात्मक भाव के एकसूत्र में पिरोया गया है।

Q.तुलसीदास का जन्म कहाँ पर हुआ था?

Ans.सोरोंन

Q.तुलसीदास के पुत्र का क्या नाम था?

Ans. तारक

Q.तुलसीदास किसकी कविता है?

Ans.तुलसीदास (कविता संग्रह) तुलसीदास भारत के महान कवि एवं साहित्यकार सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की एक कृति है।

Q.तुलसीदास जी द्वारा रचित कौन सा ग्रंथ उत्तर भारत की जनता में बहुत लोकप्रिय है?

Ans.रामचरितमानस लोक ग्रन्थ है और इसे उत्तर भारत में बड़े भक्तिभाव से पढ़ा जाता है। इसके बाद विनय पत्रिका उनका एक अन्य महत्वपूर्ण काव्य है। महाकाव्य श्रीरामचरितमानस को विश्व के १०० सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय काव्यों में ४६वाँ स्थान दिया गया।

Q.तुलसीदास जी का गुरु कौन माना जाता है?

Ans.

तुलसीदास
जन्मरामबोला 1511 ई० (सम्वत्- 1568 वि०) सोरों शूकरक्षेत्र, कासगंज , उत्तर प्रदेश, भारत
मृत्यु1623 ई० (संवत 1680 वि०) वाराणसी
गुरु/शिक्षकनरहरिदास
दर्शनवैष्णव

Q.तुलसीदास ने अपनी रचनाओं में किसका वर्णन किया है?

Ans.हिन्दी साहित्य के महाकवि तुलसीदास जी की यह रचना उनके सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है, जिसे उन्होंने ब्रज भाषा में लिखा है। गीतावली में तुलसीदास जी ने पद्य रचना के माध्यम से मानव जीवन में प्रेम और भाईचारे का भावनात्मक तरीके से वर्णन किया है।

Q.तुलसी के राम की कौन सी विशेषताएं?

Ans.तुलसी न सिर्फ अनन्य रामभक्त थे, परंतु अपने समय के जागरूक लोकनायक भी थे । वे शील, सौंदर्य और शक्ति के उपासक थे । तुलसी की भक्तिभावना में लोक-मंगल की प्रबल भावना है । उनके आराध्य राम शील, सौंदर्य और शक्ति, तीनों के गुण सागर हैं ।

Q.तुलसीदास और अकबर की कहानी?

Ans.कहानी प्रचलित है कि एक बार जब मुगल सम्राट अकबर ने गोस्वामी तुलसीदास जी को शाही दरबार में बुलाया और तुलसीदास से दरबार में कहा गया था कि वो अकबर की प्रशंसा में कुछ ग्रंथ लिखें, लेकिन उन्होंने ऐसा करना से मना कर दिया था. इसके बाद अकबर ने उन्हें बंदी बना लिया था.

Q.तुलसीदास को गोस्वामी क्यों कहा जाता है?

Ans.हिन्दी साहित्य जगत के सितारे कहे जाने वाले कवि गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही लोग रामचरित मानस को याद करते हैं। … अपनी पत्नी के कटुवचन के कारण वे तुलसीदास से गोस्वामी तुलसीदास बने। यहां हुआ था जन्म गोस्वामी तुलसीदास का जन्म विक्रमी सम्वत् 1554 की श्रावण शुक्ल सप्तमी को बांदा जिले के राजापुर नामक ग्राम में हुआ था।

Q.तुलसी जी के पत्नी का क्या नाम था?

Ans.इस वर्ष यह तिथि 30 जुलाई को है। तुलसीदास जी के बचपन का नाम राबोला था। इनका विवाह रत्नावली नाम की अतिसुंदर कन्या से हुआ।

Q.तुलसीदास के सवैयों की भाषा कौन सी है?

Ans.तुलसी ने अवधी एवं ब्रजभाषा दोनों में काव्य रचना की। रामचरितमानस अवधी में लिखा तो विनयपत्रिका, दोहावली, कवितावली आदि में ब्रजभाषा का प्रयोग किया। उन्होंने सभी शैलियों में काव्य लिखे।

Q.रामचरितमानस में कुल कितने कांड हैं?

Ans.रामचरितमानस भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है।

यह लेख मुख्य रूप से अथवा पूर्णतया एक ही स्रोत पर निर्भर करता है

रामचरितमानस
श्लोक/आयत10,902
Q.रामचरितमानस कौन सी भाषा में लिखा गया है?

Ans.अवधी

हिन्दुस्तानी भाषा
Q.तुलसीदास जी की काव्य भाषा की विशेषता क्या है?
Ans.तुलसी की काव्य भाषा के सम्बन्ध में शुक्ल जी ने अपना मत इस प्रकार व्यक्त किया है –“सबसे बड़ी विशेषता गोस्वामी जी की है भाषा की सफाई और वाक्य रचना की निर्दोषता जो हिंदी के और किसी कवि में नहीं पाई जाती। गठी हुई भाषा और किसी की नहीं है। सारी रचनाएँ इस बात का उदहारण हैं।”१ तुलसी ने मानस में रामकथा अवधी में कही है
Q.तुलसी के समकालीन कौन है?

Ans.तुलसीदास किसके समकालीन थे?-अकबर तथा जहांगीर, शाहजहां, औरगंजेब, बाबर तथा हुमायूं …

Q.तुलसीदास ने कौन सा दीपक हृदय में रखने की बात की है *?
Ans.तुलसीदास जी का यह जो विश्वास है, यही उनका शिव स्वरूप है। तुलसीदास जी ने मानस में ज्ञान का दीपक जलाया।
Q.तुलसीदास जी भाव कैसे करेंगे?

Ans.गोस्वामी तुलसीदास का भावपक्ष

तुलसी जी के भक्ति भावना सीधी सरल एवं साध्य है। सभी रचनाओं में भावों की विविधता तुलसी की सबसे बड़ी विशेषता है। वे सभी रसों के प्रयोग में सिद्धहस्त थे। अवधी व ब्रजभाषा पर उनका समान अधिकार था ।

Q.तुलसीदास ने गीता के बारे में क्या कहा है?
Ans.श्रीकृष्ण गीतावली गोस्वामी तुलसीदास का ब्रजभाषा में रचित अत्यन्त मधुर व रसमय गीति काव्य है। इस काव्य में भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का और कृष्ण लीला का सुंदर गान किया गया है। कृष्ण की बाल्यावस्था और ‘गोपी-उद्धव संवाद’ के प्रसंग कवित्व व शैली की दृष्टि से अत्यधिक सुंदर हैं।
Q.तुलसीदास का जन्मदिन कब हुआ था?
Ans.13 अगस्त 1532

Book Reading And Downloading Options


ई-बुक डाउनलोड करें ऑनलाइन पढ़ें

इस पुस्तक को अच्छे से पढ़ने के लिए एप्प का इस्तेमाल करें

इस पुस्तक को काम दाम में खरीदें

E-Book Source देखें
आप यहाँ से किताबें खरीद भी सकते है |